- Counseling
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच NTA में नई नियुक्तियां
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने NTA में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशक नियुक्त किए हैं।
यह नियुक्तियां ऐसे समय में की गई हैं जब NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य री-एग्जाम को अधिक सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराना है।
NTA को मजबूत करने की कोशिश
NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद NTA की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और आंतरिक व्यवस्था पर कई सवाल उठे।
सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति को NTA की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और परीक्षा संचालन में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दो संयुक्त सचिव नियुक्त
सरकार ने भारतीय सांख्यिकी सेवा की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को NTA में संयुक्त सचिव नियुक्त किया है।
इनकी नियुक्ति पांच वर्ष के लिए या अगले आदेश तक, जो पहले हो, की गई है।
दो संयुक्त निदेशक भी नियुक्त
इसके अलावा NTA में दो संयुक्त निदेशक भी नियुक्त किए गए हैं।
आकाश जैन, 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी, को संयुक्त निदेशक बनाया गया है। उनकी नियुक्ति 4 दिसंबर 2029 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
आदित्य राजेंद्र भोजगढिया, 2013 बैच के भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा अधिकारी, को भी संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 16 मई 2028 तक या अगले आदेश तक रहेगा।
खाली पदों को अपग्रेड किया गया
जानकारी के अनुसार, उप सचिव / निदेशक स्तर के दो खाली पदों को प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए अपग्रेड किया गया है ताकि इन नियुक्तियों को प्रभावी बनाया जा सके।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिश महत्वपूर्ण
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद NTA की आंतरिक संरचना पर पहले भी सवाल उठे थे। के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समिति ने NTA में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की सिफारिश की थी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही लाई जा सके।
दिसंबर 2025 में एक संसदीय समिति ने भी NTA को आंतरिक रूप से मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
16 नए पद बनाए गए थे
इन सिफारिशों के बाद सरकार ने NTA में 16 नए पद सृजित किए थे। हालांकि, अब तक केवल कुछ पदों पर ही नियुक्तियां हुई हैं। वर्तमान नियुक्तियों को उसी सुधार प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
निष्कर्ष
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे समय में NTA में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है।
अब सबसे बड़ी चुनौती 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम को निष्पक्ष, सुरक्षित और बिना किसी विवाद के संपन्न कराना है। छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अब NTA और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
